शिव का सही अर्थ क्या होता है ?
वैसे तो शास्त्रों में शिव शब्द की अलग अलग व्याख्या दी गयी है। शिव का शाब्दिक अर्थ 'व्यापक शून्यता यानि जो है ही नहीं। एक प्रश्न मन में उठता है जो है ही नहीं जिसका अस्तित्व नहीं है तो वो इतना परम शक्तिशाली कैसे है। आज का विज्ञान भी मानता है कि 'सब कुछ शून्यता से ही आया है और वापिस शून्य में ही समा जाता है'। यानि सम्पूर्ण ब्रह्मांड मात्र एक व्यापक ख़ालीपन यानि शिव है। जो ब्रह्मांड में अरबों सक्रिय आकाशगंगाएँ, डार्क मैटर्स, ब्लैक हॉल्स, सितारे, धूल, आदि वह उस व्यापक शून्यता (शिव) का ही एक छोटा सा हिस्सा है, जो शिव से निकलकर शिव में ही लीन हो जाता है।
कुछ और व्याख्याओं के अनुसार शिव का अर्थ 'शुभ', 'मंगल', 'कल्याण करने वाला', 'जीवन की गहन समज' भी है।
शिव संहारक या उद्धारकर्ता
शिव के कुछ अति प्रभावशाली मंत्र
2) शिव गायत्री मंत्र -
ओम तत्पुरुषाय विदमहे महादेवाय दीमहि। तन्नो रुद्रा प्रचोदयात ।।
अर्थ - ओ ओ
महांतम प्रभु, मुझे
अनुपम ज्ञान और
बुद्धि प्रदान करे,
मेरी बुद्धि मे
दिव्य प्राणो का
संचार करे.
एक अन्य संस्करण शिव गायत्री मंत्र का
ॐ सर्वेश्वराय विदमहे, शूलहस्ताय धीमहि । तन्नो रुद्र प्रचोदयात ।।
अर्थ - हे सभी के स्वामी, आपके हाथ मे त्रिशूल है, मेरे जीवन मे जो शूल कष्ट है, वो आपकी कृपा से ही नष्ट होगे. मै आपकी शरण मे हूं.
3 ) शिव ध्यान मंत्र -
करचरण कृतं वाक्काजयजं कर्मजं वा, श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं।
4 ) महामृत्युंजय मंत्र -
ॐ त्रयंभकम यजामहे, सुगंधिम् पिष्टिवर्धानम।
उर्वारुकमिव बंधानान, मृत्योर्मुक्षीय मामृतत्
अर्थ - हम त्रिनेत्र
को पूजते है,जो
सुगंधित है हमारा
पोषण करते है
जिस तरह फल,शाखा
के बंधन से
मुक्त हो जाता
है
वैसे ही हम भी,मृत्यु
से मुक्त हो
जाते है.
5 ) सम्ब सदा शिवा मंत्र -
ओम सम्बा सदा शिवाय नमः
अर्थ - मैं भगवान सदा शिव को नमन करता हूं.
6) रुद्र मंत्र -
ॐ नमोः भगवते रुद्राय नमः
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भगवान को विस्तृत रूप से जान पाएगें साथ ही शिव के बारें लोगों की भ्रांतिया भी दूर कर पायेगें। आर्टिकल में बड़ी गहनता के साथ शिव कौन है, शिव का अर्थ और शिव मंत्र जिनकी शक्ति आपका जीवन बदल देगी को परिभाषित किया गया है।
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