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मंगलवार, 18 मार्च 2025

बांके बिहारी मंदिर के समय और भोग में बड़ा बदलाव - धार्मिक News

बांके बिहारी मंदिर के समय और भोग में बड़ा बदलाव - धार्मिक News

बांके बिहारी मंदिर में होली उत्सव की समाप्ति के बाद रविवार 16 मार्च से हुआ मंदिर के दर्शन के समय और भोग सेवा में बड़ा बदलाव। बांके बिहारी मंदिर वृंदावन में आने वाले श्रदालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं। हजारों भक्त मंदिर में बांके बिहारी की एक झलक पाने के लिए लालायीत रहते हैं। गर्मी की शुरुआत के साथ बांके बिहारी के दर्शन पाने होगे और सुलभ, अब भक्त एक घंटे पहले ही कर पाएगें बांके बिहारी के दर्शन। 

NEW TIMINGS बाँके बिहारी मंदिर 


• प्रातः 8:45 (शीतकालीन) के स्थान पर अब मंदिर के पट खुलेगें प्रातः 7:45 बजे।  

• प्रातः 11 बजे बांके बिहारी राजभोग के बाद, दोपहर 11:45 राजभोग आरती कर 12 बजे होगें मंदिर के पट बंद। 

• संध्या में  5:30 बजे मंदिर के पट पुनः खुलगें साथ ही ठाकुरजी को उथापन भोग लगया जायेगा। 

• रात 8:30 पर श्यान भोग लगाकर, 9;25 बजे अतिम शयन भोग आरती के बाद होगें पट बंद। 


भोग सेवा में बदलाव

ग्रीष्म ऋतु के आगमन को देखते हुए ठाकुरजी को केसर, पंचमेव जैसे गर्म गरिष्ठ पदार्थों का सेवन नहीं कराया जायेगा। ठंडे वा तरल पदार्थों की मात्रा में बढ़ोतरी करी जाएगी।

बांके बिहारी मंदिर के समय और भोग में बड़ा बदलाव - धार्मिक News

प्रातः मोहन भोग में ठाकुरजी को हलवा, पकोड़े, दूध, आदि का नाश्ता कराया जायेगा।

दोपहर राजभोग में ठाकुरजी की प्रिय मधुकड़ी यानि कड़ी-पकोड़ा, दाल, मिस्सी रोटी, सादा रोटी (फुलके), परांठा, गीली सब्ज़ी, सूखी सब्ज़ी, सादा चावल, नमकीन चावल, मीठे चावल, नमकीन रायता, मीठा रायता, खोआ का लड्डू, खीर, दूधभात, पापड़, आचार, मुरब्बा शामिल रहेगीं।

रात्रि शयन भोग में मीठा दही, सामोसा, बेडमी पूड़ी, कचौरी, कट्टा रायता, दो प्रकार की सूखी सब्जियां, दो प्रकार की गीली सब्जियां, पापड़ी सोठ, अरोटा दूध और हलवा शामिल रहेगा।





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